Philippians


1

Philippians 1

1 ईसू मसीह क सेवक पौलुस अउर तीमुथियुस कइँती स मसीह ईसू मँ स्थित फिलिप्पी क रहइवाले बुजुर्गन संत जनन क नाउँ जउन उहाँ निरीच्छकन अउर कलीसिया क सेवकन क साथे निवास करत थीं: 2 हमार परमपिता परमेस्सर अउर हमार पर्भू ईसू मसीह कइँती स तू पचन क अनुग्रह अउर सान्ति मिलइ। 3 मइँ जब-जब तू पचन क याद करत हउँ, तब-तब परमेस्सर क धन्यबाद देत हउँ। 4 अपने हर पराथना मँ मइँ हमेसा खुशी क साथे तोहरे बरे पराथना करत हउँ। 5 काहेकि पहिले ही दिना स आज तलक तू सुसमाचार क प्रचार मँ मोर सहयोगी रह्या हा। 6 मोका इ बात क पूरा भरोसा बाटइ कि उ परमेस्सर जे तोहरे बीच मँ अइसेन अच्छा काम सुरु किहे अहइ, उहइ ओका उहइ दिना तक बनाए रखी, जब ईसू मसीह फिन आइके ओका पूरा करी। 7 तू सब क बारे मँ मोरे बरे अइसेन सोचब ठीकही बा। काहेकि तू सब मोरे मने मँ बसा भवा अहा। अउर न केवल तब जब तक मइँ जेल मँ हउँ, बल्कि तब भी जब मइँ सुसमाचार क सत्य क रच्छा करत भए, ओकरे प्रतिस्ठा मँ लगा रहेउँ, तू सभे ऍह अऩुग्रह मँ मोर सहभागी रह्या ह। 8 परमेस्सर मोर साछी अहइ कि मइँ मसीह ईसू द्वारा परगट पिरेम स मइँ तू सभन क बरे केतना बियाकुल रहत हउँ। 9 मइँ इहइ पराथना करत रहत हउँ: पिरेम हमेसा बढ़इ तोहार साथे गियान क, गहन दिस्टि क। 10 पाइके इ गुन, भला-बुरा मँ भेद कइके, अपनाइ लेब्या हमेसा भले क। अउर एह तरह बन जाब्या तू सुद्ध अकलुस ओह दिना क जब मसीह आइ। 11 धारमिकता क फल स ईसू मसीह स मिलत ही परिपूर्ण होत जा जेहसे परमेस्सर क महिमा अउर स्तुति होत रह्या। 12 भाइयो, मइँ तू सबन का जनाइ देइ चाहित हउँ कि मोरे साथे जउन कछू भवा बा, ओसे सुसमाचार क बढ़ावा ही मिला बाटइ। 13 परिणामसरूप स संसार क पूरी रच्छा दल अउर अन्य दूसरे सबहिं लोगन क इ पता चलि गवा बा कि मोका मसही क बिसवासी होई क कारण ही बन्दी बनावा गवा बाटइ। 14 एकरे अलावा पर्भू मँ स्थित ज्यादातर भाई मोर बन्दी होइके कराण उत्साह स भरा भवा अहइँ। अउर बहुत जियादा साहस क साथ सुसमाचार क निडरता पूर्वक सुनावत अहइँ। 15 इ सच अहइ कि ओहमाँ स कछू इरसा अउर बैर क कारण मसीह क उपदेस देत हीं परन्तु दुसरे जने सद्भावना स प्रेरितन होइके मसीह क उपदेस देत हीं। 16 ये सब जने पिरेम क कारण अइसेन करत हीं काहेकि इ जानत हीं कि परमेस्सर सुसमाचरे क बचाउ करइ बरे ही मोका इहाँ रखे अहइ। 17 परन्तु कछू अउर जने त सचाई क साथे नाहीं, बल्कि सुवारथ स भरी इच्छा स मसीह क प्रचार करत हीं काहेकि उ सोचित हीं कि एहसे उ पचे बन्दी-घरे मँ मोरे बरे कस्ट पइदा कइ सकिहीं। 18 परन्तु ऐहसे कउनउ फरक नाहीं पड़त। जरुरी तउ इ बा कि एक ढंग स, या दूसरे ढंग स, चाहे बुरा उद्देस्य होइ, चाहे भला प्रचार तउ मसीह क ही होत ह अउर ऐहसे मोका आनन्द मिलत ह अउर आनन्द मिलतइ रही। 19 काहेकि मइँ जानत हउँ कि तू पचन पराथना क द्वारा अउर ओह सहायता स जउन ईसू मसीह क आतिमा स मिलत ह, परिणआम मँ मोका छु टकारा ही मिली। 20 मोर तेज इच्छा अउर आसा इहइ बा अउर मोका इ बिसवास बा कि मइँ कउ नो बाते स निरास नाहीं होब बल्कि सब तरह स निउर होइके जइसे मोरे सरीर स मसीह क महिमा हमेसा होत रही, वइसेन आगेउ होत रही, चाहे मइँ जिअउँ अउर चाहे मरि जाउँ। 21 काहेकि मोरे जीवन क मतलब अहइ मसीह अउर मउत क मतलब अहइ एक प्राप्ति। 22 मुला अगर मइँ अपने एह सरीर स जिन्दइ रहउँ तउ एकर मतलब इ होइ कि मइँ अपने कर्मे क परिणामे क आनन्द लेउँ। तउन मइँ नाहीं जानित हउँ कि मइँ का चुनउँ। 23 दुन्नउ विकल्पे क बीच चुनाव मँ मोका कठिनाई होत बा। मइँ अपने जीवन स विदा होइके मसीह क पास जाइ चाहित ह काहेकि उ अधिक अच्छा होइ। 24 दूसरी तरफ परन्तु एह सरीर क साथे ही मोर इहाँ रहब तोहरे बरे अधिक जरूरी बा। 25 अउर काहेकि इ मइँ निस्चय क साथे जानित हउँ कि मइँ इही रहबइ अउर तू सभन क आध्यात्मिक उन्नति अउर बिसवास स पइदा भवा आनन्द बरे तोहरे साथे रहतइ रहब। 26 ताकि तोहरे लगे मोरे लउटी आवई क परिणाम सहित तू पचन क मसीह ईसू मँ स्थित मोहे प गरब करइ क अउर अधिक आधार मिलि जाई। 27 परन्तु हर तरह स अइसा करा कि तू सबन आचरण मसीह क सुसमाचार क अनुकूल रहइ। जेहसे चाहे मइँ तोहरे लग आएके तू सबन क देखउँ अउर चाहे तु सबन स दूर रहउँ, तू सबन क बारे मँ इहइ सुनउँ कि तू पचे एक्कई आतिमा मँ मजबूती स टिका ह्वा अउर सुसमाचार स पइदा बिसवासे क बरे एक जुट होइके संघर्ष करत रहा। 28 अउर मइँ इहउ सुनई चाहित हउँ कि तू पचे अपने विरोधियन स कउनउ तरह स नाहीं डेरात अहा। तू सबन क इ साहस ओनके विनाश क प्रमाण अहइ। तू पचन क मुक्ति का संकेत अहइ जउन स्वयं परमेस्सर कइँती स अइसा ही कीन्ह जाई। 29 काहेकि मसीह कइँती स तू पचन क न केवल ओहमे बिसवास करइ क बल्कि ओकरे बरे यातना झेलइ क बिसेष अधिकार दीन्ह गवा बा। 30 तू पचे जानत अहा क तू उही संघर्ष मँ जुटा अहा जेहमे मइँ जुटा रहेउँ अउर जइसेन कि तू सुनत अहा आज तलक मइँ ऊहीं मँ लगा रहउँ।

Philippians 2

1 फिन तू लोगन मँ अगर मसीह मँ कउनउ उत्साह बा, पिरेम स पैदा भई कउनउ धीरज बा, अगर आतिमा मँ केउ भागेदारी क, सिहेन क भावना अउर सहानुभूति बा 2 तउ मोका पूरी तरह स खुस करा। मइँ चाहत हउँ, तू पचे एक तरह स सोचा, परस्पर एक जइसा पिरेम करा आतिमा मँ एका रखा अउर एक जइसेन लच्छ रखा। 3 ईर्सा अउर मिथ्या अभिमान स कछू न करा। बल्कि नरम बना अउर दुसरेउ क आपने स उत्तिम समझा। 4 तोहमे स हर एक्के चाही कि केवल अपनई नाहीं, बल्कि दुसरेउ क हिते क धियान रखइ। 5 आपन चिंतन ठीक वइसा ही रखा जइसे मसीह ईसू क रहा। 6 जउन परमेस्सर क सरूप मँ होत भए भी उ परमेस्सर क साथे अपने ऍह बराबरी का अधिकार की वस्तु न समझेस। 7 बल्कि उ तउ आपन सब्ब कछू तियागके एक सेवक क रूप ग्रहण कइ लिहेस अउर मनई क समान बनि गवा। अउर जब उ अपने बाहरी रूप मँ मनई जइसेन बनि गवा। 8 त उ अपने आप क नवाइ लिहेस अउर परमेस्सर का ऍतना आज्ञाकारी बन गवा कि आपन प्राण तक न्योछोवर कइ दिहेस अउर उहउ त्रूस पर। 9 इही बरे परमेस्सर भी ओका ऊँचा स ऊँचा स्थान पर उठाएस अउर ओका उ नाम दिहेस जउन सब नामन स ऊप्पर बा 10 ताकि सब केऊ जब ईसू क नाउँ क उच्चारण होत सुनइ, तउ नीचे निहुरि जाइ। चाहे उ सरगे क होइ, धरती पइ क होइ अउर चाहे धरती क नीचे क होइ। 11 अउर सब जीभ परमपिता परमेस्सर क महिमा बरे मजूर करइ कि “ईसू मसीह ही पर्भू अहइ।” 12 एह बरे मोर पिआरे दोस्तो, तू पचे मोरे निर्देशन क जइसेन ओह समइ पालन किहा करत रह्या जब मइँ तू पचन क साथे रहेउँ, अब जब कि मइँ तू पचन क साथे नाहीं हउँ तब तू अउर अधिक लगन स ओकर पालन करा। परमेस्सर बरे पूरा आदर एवं भय क साथे अपने उद्धार क पूरा करइ बरे तू सभे काम करत जा। 13 काहेकि उ परमेस्सर ही अहइ जउन उ कामना क इच्छा अउर ओन्हे पूरा कररइ क करम, जउन परमेस्सर क भावत ह, तोहमें पइदा करत ह। 14 बिना कउनउ सिकायत या लड़ाई-झगड़ा किहे सब काम करत रहा। 15 ताकि तू भोले-भोले अउर पवित्तर बनि जा। अउर इ कुटिल अउर पथभ्रस्ट पीढ़ी क लोगन क बीच परमेस्सर क निहकंलंक बालक बनि जा। ओनके बीच अँधियारी दुनिया मं तू पचे ओह समइ तारा बनिके चमका 16 जब तू ओनका जीवनदायी उपदेस सुनावत ह। तू अइसा ही करत रहा ताकि मसीह क फिन लउटइ क दिन मइँ इ देखिके कि मोरे जीवन क भाग दौड़ बेकार नाहीं भइ। तू पचन गरब कइ सकी। 17 तोहार सबन क बिसवास परमेस्सर क सेवा मँ एक बलि क रूप मँ बा अउर अगर मोर लहू तोहरे बलि प दाखरस क समान उँड़ेल दीहा भी जाइ तउ मोका खुसी अहइ। तोहरे सबन क खुसी मँ हमरउ सहभाग बा। 18 उही तरह तूहउ खुस रहा अउर मोरे साथे आनन्द मनावा। 19 पर्भू ईसू क सहायता स मोका तीमुथियुस क तू लोगन क लगे जल्दी भेज देइ क आसा बा ताकि तोहरे समाचारन स मोर भी उत्साह बढ़ सकइ। 20 काहेकि मोरे पास दुसर कउनउ तीमुथियुस अइसा मनई नाहीं बा जेकर भावना मोरी जइसी होइ अउर जउन तोहरे कल्यान क बरे सच्चे मने स चिंतित होइ। 21 काहेकि अउर सभन अपने अपने कामन मँ लगा बाटेन। ईसू मसीह क कामन मँ केऊ नाहीं लाग बा। 22 तू पचे ओकरे चरित्र क जानत अहा कि सुसमाचार क प्रचार मँ मोरे साथ उ वइसे ही सेवा क किहे अहइ, जइसे एक बेटवा अपने बापे क साथे करत रहत ह। 23 तउ मोका जइसेन इ पता चली कि मोरे साथे का कछू होइ जात बा। मइँ ओका तू सबन क लगे भेज देइ क आसा रखत अहउँ। 24 अउर मोर बिसवास बा कि पर्भु क सहायता स मइँ भी जल्दी ही अउबइ। 25 मइँ इ जरूरी समझत हउँ कि इपफ्रुदीतुस क तोहरे लगे पठवउँ, जउन मोर भाई अहइ, अउर साथ ही काम करइवाला बा अउर सहयोगी कर्म-वीर अहइ अउर मोका जरूरत पड़इ पइ मोर सहायता बरे तोहार प्रतिनिधि रहा, 26 काहेकि उ तोहे सबन क बरे बियाकुल रहा करत रहा अउर ऍहसे बहुत खिन्न रहा कि तू इ सुने रह्या कि उ बेमार पड़ि गवा रहा। 27 हाँ, उ बेमार तउ रहा अउर उहउ ऍतना कि जइसे मरि ही जाई। परन्तु परमेस्सर ओह पर अनुग्रह किहेस (न सिरिफ ओह पइ बल्कि मोपे प भी) ताकि मोका दुखे पर दुख न मिलइ। 28 इही बरे मइँ ओक अउर उ लगन स पठवत हउँ ताकि जब तू ओका देखा तउ एक बार फिन खुस होइ जा अउर तोहरे बारे मँ चिन्ता करब छोड़ देउँ। 29 इही बरे पर्भू मँ बड़ी खुसी क साथे ओकर सुवागत करा अउर अइसेन लोगन क जियादा स जियादा आदर करत रहा। 30 काहेकि मसीह क काम क बरे उ लगभग मरि गवा रहा ताकि तोहरे द्वारा कीन्ह गइ मोर सेवा मँ जउन कमी रही गइ रही, ओका उ पूरा कइ देइ, एकरे बरे उ अपने प्राण क बाजी लगाइ दिहेस।

Philippians 3

1 एह बरे स, मोरे भाइयो, तथा बहिनियो, पर्भू मँ आनन्द मनावत रहा। तू सबन क सच सच ओनही बातन क लिखत रहइ स मोका फिन कउनउ कस्ट नाहीं अहइ अउर तोहरे बरे तउ इ तैयार होइ क मदद करी। 2 एन्हन कुकुरन स सावधान रहा जउन कुकर्मन मँ लगा अहइँ। उ पचे बधिया कइ देइ चाहत हीं। 3 काहेकि सच्चा खतनावाला मनई तउ हम अही जउन अपने आराधना क परमेस्सर क आतिमा द्वारा अरपण करत अही। अउर मसीह ईसू पर हम होइ बरे गरब करत अही अउर जउन कछू सारीरीक बा, ओह प हम भरोसा नाहीं करत अही। 4 जद्यपि मइँ खुद जउन कछू सरीरीक बा, ओह पइ मइँ भरोसा नाहीं कइ कत रहउँ। मुला अगर केऊ अउर अइसेन सोचइ कि ओकरे लगे सरीसी पर बिसवास करइ बरे बा तउ मोरे लगे तउ उ अउर जियादा बा। 5 जब मइँ आठ दिना क रहेउँ, मोर खतना कइ दीन्ह गवा रहा। मइँ इस्राएली हउँ बिन्यामीन क वंस क हउँ। मइँ इब्रानी माता-पिता स पइदा भवा एक इब्रानी हुउँ। जहाँ तक व्यवस्था क विधान तलक मोरे पहुँच क प्रस्न बा, मइँ फरीसी हउँ। 6 जहाँ तलक मोरी निस्ठा क प्रस्न बा, मइँ कलीसिया क बहुत सताये रहउँ। जहाँ तलक ओह धार्मिकता क सवाल बा जेका व्यवस्था क विधान सिखावत ह, मइँ निर्दोख रहेउँ। 7 परन्तु तब जउन मोर लाभ रहा, आज उही क मसीह क बरे मइँ आपन हानि समझत अहउँ। 8 इहूउँ स बड़ी बात इ बा कि मइँ अपने पर्भू मसीह ईसू क गियान क स्रेष्ठता क कारण आज तलक सब कछु क हीन समझत रहेउँ। उही बरे मइँ सब कछू तियागा कइ दिहेउँ अउर मइँ सब कछू क घिना क परन्तु समझइ लाग हउँ ताकि मसीह क पाई सकउँ 9 अउर ऊही मँ पावा जाइ सकउँ-मोर उ धरम भाव क कारण नाहीं जउन व्यवस्था क विधान पर टिकी रही, बल्कि ओह धरम भाव क कारण जउन मसीह मँ बिसवासे क कारण मिलत ह। जउन परमेस्सर स मिली बा ओकर आधार बिसवास अहइ। 10 मइँ मसीह क जानइ चाहत हउँ अउर ओह सक्ती क अऩुभव करइ चाहत हउँ जेसे ओका पुनः जागरण भवा रहा। मइँ ओकरी यातनन का सहभागी होइ चाहत हुँ। अउर उही रूपे क पाइ लेइ चाहत हउँ जेका उ आपन मउत क द्वारा पाए रहा। 11 एह आसा क साथे क मइँ भी इही तरह मरा हुआ मँ स उठि क फिन स जी पावउँ। 12 अइसेन नाहीं अहइ कि मोका आपन प्राप्ति होइ चुकी बा अउर मइँ पूरा सिद्ध बन चुका हउँ। परन्तु मइँ उपलब्धि क पाइ ल्लेइ क बरे बराबर प्रयास करत रहत हउँ जेकरे बरे मसीह ईसू मोका आपन बँधुआ बनाए रहा। 13 भाइयो, तथा बहिनियो, मइँ इ नाहीं सोचित हउँ कि मइँ ओका पाई चुका हउँ। पर बात इ अहइ कि बीती क बिसराइ द्या, जउन मोरे सामने बा, ओह लच्छ तलक पहुँचइ बरे मइँ संघर्ष करत रहउँ। 14 मइँ ओह लच्छ क बरे हमेसा प्रयास करत रहउँ कि मइँ अपने ओह इनामें क जीत लेउँ, जेका मसीह ईसू मँ पावई क बरे परमेस्सर तउ मोका उप्पर बोलाए अहइ। 15 ताकि ओन्हन लोगन क, जउन हमरे मँ पूर्ण मनई बन चुका बाटेन, मन क स्वरूप अइसेन रहइ । परन्तु अगर तू कीहीउ बात क कउनउ अउर ढंग स सोचत ह तउ तोहरे बरे ओकर जाहिर करइके परमेस्सर कइ देई। 16 जउन सच्चाई तक हम पहुँच चुका अही, हमका उही पे चलत रहइ चाही। 17 भाइयो, तथा बहिनियो, अउरन क साथे मिलि के मोरे नकल करा जउन उदाहरण हम तोहरे सामने रखे अही, ओकरे अऩुसार जउन जिअत हीं, ओह पर धियान द्या। 18 काहेकि अइसेन ही बहुत जने अहइँ जउन मसीह क त्रूस स दुस्मनी रखत जिअत हीं। मइँ तोहका बहुत बाह बताए हउँ अउर अब भी मइँ इ बिलखि-बिलखि क कहत हउँ 19 ओनकर नास ओनकइ नियति अहइ। ओनकर पेट ओनकर भगवान अहइ। अउर जेहपर ओनका लजाई चाही, ओह पर ओ गरब करत हीं। ओनका बस संसारी वस्तुवन क चिन्ता बा। 20 परन्तु हमार जन्मभूमि तउ सरगे मँ बा। ऊही स हम उद्धारकर्ता पर्भू ईसू मसीह क आवइ क बाट जोहत रहित ह। 21 आपन ओह सक्ती क द्वारा जेहसे सब वस्तुवन क उ अपने अधीन कइ लेत ह, हमार कमजोर देह क बदल क आपन दिव्य देह जइसेन बनाई देई।

Philippians 4

1 हे मेरे भाइयो, तथा बहिनियो, मइँ तू सबन स पिरेम करत हउँ, अउर तू सबन क देखइ का तरसत हउँ। तू पचे खुसी अहा, मोर गौरव अहा। तू पचन क जइसे मइँ बताए हउँ, पर्भू मँ तू सबइ वइसेन ही द्दढ़ बना रहा। 2 मइँ युओदिया अउर सन्तुखे दुन्नऊ क उत्साहित करत हउँ कि तू पचे पर्भू मँ एक जइसे बिचार बनाए रखा। 3 मोरे सच्चा साथी तोहसे सबन स मोर बिनती बा कि इन्हन स्त्रियन क सहायता करा। इ क्लेमेन्स अउर मोरे दुसरे सहकर्मियन सहित सुसमाचार क प्रचार मँ मोरे साथे जुटी रहिन। एनके नाउँ जीवन क किताबेमँ लिख गवा अहइँ। 4 4पर्भू मँ हमेसा आनन्द मनावत रहा। 5 ऍका मइँ फिन दोहरावत हउँ आनन्द मनावत रहा। तू पछन क सहनसील आतिमा क गियान सब जने क होइ। पर्भू लगे ही बाटइ 6 कउनउ बाते क चिन्ता न करा, बल्कि सब परिस्थितियन मँ धन्यबाद सहित पराथना अउर बिनय क साथे आपन याचना परमेस्सर क सामने रखत जा। 7 इही स परमेस्सर कइँती स मिलइवाली सान्ति, जउन समझ स परे बा तोहरे हिरदइ अउर तोहरे बुद्धि क मसीह ईसू मँ सुरच्छित बनाए रखी। 8 भाइयो, तथा बहिनियो, इन बातन क धियान करा। जउन जरुर सत्य बा, जउन आदर योग्य बा, जउन अच्छा बा। जउन पवित्तर बा, जउन सुन्दर बा, जउन सराहइ योग्य बा या कउनउ अन्य गुन या कउनउ प्रसंसा 9 जेका तू मोसे सीखे अहा, पाए अहा या सुने अहा या जेका करत मोका देखे अहा। इन बातन क अभ्यास करत रहा। सांति क सोत परमेस्सर तोहरे साथे रही। 10 तू सबइ निस्चय ही मोरे भलाई बरे सोचत रहत ह परन्तु तू पचन क ओका देखावइ क अवसर नाहीं मिला रहा, परन्तु अब अखिरकार तोहमें मोरे बरे फिन स फिकिर जागी बा। एहसे मइँ पर्भू मँ बहुत आनन्दित भवा हउँ। 11 कउनउ व्यक्तिगत जरूरत क कारण मइँ इ नाहीं कहत हउँ। काहेकि जइसेन परिस्थिति मँ मइँ रहउँ, मइँ उही मँ सन्तोस करइ सीख लिहे हउँ। 12 मइँ अभाव क बीच रहई क रहस्य भी जानत हउँ अउर इहउ जानत हउँ कि सप्मन्नता मँ कइसे रहा जात ह। कइसेउ समइ होइ अउर कइसेउ परिस्थिति, चाहे पेट भरा होइ अउर चाहे भूखा, चाहे पास मँ बहुत कछू होइ अउर चाहे कछू भी न होइ, मइँ ओन सबे मँ सुखी रहइ सीख लिहे हउँ। 13 मसीह क जरिये मइँ सब कछू कइ सकत हउँ काहेकि उ मोका सक्ती देत ह। 14 कछू भी होइ हमरे कस्टन मँ तू पचे मोरे कामे मँ हाथ बटाई क अच्छा ही किये अहा। 15 हे फिलिप्पियन! तू पचे तउ जनतइ अहा, सुसमाचार क प्रचार क ओन्हन सुरु क दिनवा मँ जब मइँ मैसीडोनिया छोड़े रहेउँ, तउ लेन-देन क बारे मँ केवल मात्र तोहर कलीसिया क छोड़िके कउनउ अउर कलीसिया तउ मोर हाथ नाही बटाएस। 16 मई जब थिस्सलुनीके में रहेउँ, मोर जरूरत पूरा करइ बरे तू बार-बार मोका सहायता भेजे रह्या। 17 अइसेन नाहीं कि मइँ उपहारन क इच्छुक हउँ बल्कि मइँ तउ इ चाहत हउँ कि तोहरे खाता मँ लाभ जुड़त ही चला जाइ। 18 तू पचे इपफ्रुदीतुस क हाथे जउन उपहार मधुर गंध भेट क रूप मँ मोरे लेग भेजे रह्या, उ सबइ एक अइसेन स्वाकार करइ योग्य बलिदान अहइँ जेहसे परमेस्सर खुस होत ह। ओन्हन उपहारन क कारण मोरे लगे मोरे जरूरत स कहूँ ज्यादा होइ गवा बा, मोका पूरी तरह दिहा गवा बा। बल्कि ओहसे भी जियादा भरपूरा दिहा गवा बा। उ चीजन मधुर गंध भेटे क रूप मँ बाटिन, एक अइसेन स्वीकार करइ योग्य बलिदान जेहसे परमेस्सर खुस होत ह। 19 मोरे परमेस्सर भी ईसू क महिमा स बहोत धनवान अहइ। उ अपने उस धने क अनुसार तोहार सभन जरूरतन क पूरा करी। 20 हमरे परमेस्सर अउर परमपिता क हमेसा-हमेसा महिमा होत रहइ! आमीन! 21 मसीह ईसू क सभन सन्तन क नमस्कार। मोरे साथे जउन भाई अहइँ, तू पचन क नमस्कार करत हीं। 22 तू सभन संत अउर खासकर कैसर परिवारे क लोगन नमस्कार करत हीं। 23 तोहमँ स हर एक्क पर हमरे पर्भू ईसू मसीह क अनुग्रह तू पचन क आतिमा क साथ रही।





AMAZING GRACE BIBLE INSTITUTE